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गले में कà¥à¤› अटका हो, तो कà¥à¤¯à¤¾ करें :-
गले में अटका हà¥à¤† लगने के घरेलू उपाय – Gale Me Atka Sa Lagne Ka Gharelu Upay
यहां हम गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस होने की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठकà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों के बारे में बता रहे हैं। साथ ही हम यह à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर देना चाहते हैं कि यहां बताठगठघरेलू उपाय गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर सकता है। इन उपायों को इसका इलाज समà¤à¤¨à¥‡ की à¤à¥‚ल न करें। अब पढ़ें गले में कà¥à¤› अटका अटका सा लगने के घरेलू उपाय :
1. नमक
सामगà¥à¤°à¥€ :
नमक – आधा चमà¥à¤®à¤š
पानी – à¤à¤• गिलास
उपयोग करने का तरीका :
सबसे पहले पानी को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ कर लें।
इसके बाद इसमें नमक मिलाà¤à¤‚।
फिर इससे गरारे करें।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को तीन से चार बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
गले से संबंधित परेशानियों के लिठनमक पानी से गरारे करना सबसे उपयोगी माना गया है। बताया जाता है कि नमक पानी साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठलाà¤à¤•ारी माना जा सकता है। इसके अलावा, नमक से गरारे करने से गले के दरà¥à¤¦, गले में सूजन, सूखी खांसी और टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² से à¤à¥€ राहत मिल सकती है (4)। वहीं, जैसा कि हमने लेख में बताया कि गले मे कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने के पीछे का कारण साइनस या टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² हो सकता है (2)।
इसके अलावा, नमक में à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ मौजूद होता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (5)। इस आधार पर à¤à¥€ नमक गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस होने पर मददगार साबित हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¤à¥€-कà¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण अनà¥à¤¨à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में हà¥à¤ घाव की समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस हो सकता है (3)।
2. शहद
समागà¥à¤°à¥€ :
शहद- दो चमà¥à¤®à¤š
नींबू का रस – आधा चमà¥à¤®à¤š
पानी – à¤à¤• गिलास
उपयोग करने का तरीका :
सबसे पहले पानी को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ कर लें।
इसके बाद इसमें शहद और नींबू का रस मिला दें।
फिर इसका सेवन करें।
इसका सेवन सà¥à¤¬à¤¹-शाम किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
शहद à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ा है, जो आसानी से उपलबà¥à¤§ हो जाता है। इस पर हà¥à¤ शोध बताते हैं कि शहद में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ (सूजन को कम करने वाला), à¤à¤‚टी-इंफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ (संकà¥à¤°à¤®à¤£ को फैलने से रोकने वाला) गà¥à¤£ मौजूद होते हैं। यही वजह है कि शहद का उपयोग गले से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के इलाज के लिठबेहद कारगर माना जा सकता है (6)। बता दें कि सूजन या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण घाव की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर à¤à¥€ गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† फील हो सकता है (3)।
3. दूध और हलà¥à¤¦à¥€
सामगà¥à¤°à¥€ :
आधा चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
à¤à¤• गिलास दूध
उपयोग करने का तरीका :
दूध में हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर मिलाकर उसे तकरीबन 5 मिनट तक उबालें।
इसके बाद इसे à¤à¤• गिलास में छान लें और इसका सेवन करें।
दिन à¤à¤° में à¤à¤• बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस होने पर हलà¥à¤¦à¥€ दूध का सेवन करना à¤à¥€ आरामदायक हो सकता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित शोध में बताया गया है कि करकà¥à¤¯à¥‚मिन (हलà¥à¤¦à¥€ का मà¥à¤–à¥à¤¯ ततà¥à¤µ) में à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाने वाला) और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ (सूजन को कम करने वाला) गà¥à¤£ मौजूद होते हैं। वहीं, यह कैंसर से बचाव में à¤à¥€ कà¥à¤› हद तक मददगार हो सकती है (7)। वहीं, दूध का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ कैंसर के जोखिम को कà¥à¤› हद तक कम करने में सहायक हो सकता है (8)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि हलà¥à¤¦à¥€ के साथ दूध का उपयोग गले में अटका हà¥à¤† लगने पर कà¥à¤› हद तक मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, इस विषय पर सीधे तौर पर इसके फायदों की जानकारी के लिठअà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
4. हॉट डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
सामगà¥à¤°à¥€ :
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पाउडर – आधा चमà¥à¤®à¤š
पानी – à¤à¤• कप
शहद – à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š
उपयोग का तरीका :
सबसे पहले पानी को à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में डालकर गैस पर चढ़ा दें।
अब इसमें गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पाउडर मिलाà¤à¤‚। जब दोनों मिशà¥à¤°à¤£ आपस में अचà¥à¤›à¥‡ से मिल जाà¤à¤‚, तो इसमें शहद à¤à¥€ डालें।
फिर इसे à¤à¤• कप में छान लें और धीरे-धीरे कर के पीà¤à¤‚।
हॉट डà¥à¤°à¤¿à¤‚क के तौर पर गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² दिन में à¤à¤• बार किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
जैसा कि हमने लेख में बताया कि संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण à¤à¥€ गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में हॉट डà¥à¤°à¤¿à¤‚क के तौर गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना बेहद लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या फंगस के कारण होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ के जोखिम को कम करने में कà¥à¤› हद तक मददगार हो सकता है (9)। à¤à¤¸à¥‡ में हम कह सकते हैं कि गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का उपयोग संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† महसूस होने की समसà¥à¤¯à¤¾ में राहत दिलाने का काम कर सकता है। फिलहाल, इस विषय में अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
5. बेकिंग सोडा
सामगà¥à¤°à¥€ :
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी – à¤à¤• गिलास
बेकिंग सोडा – à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š
उपयोग करने का तरीका :
सबसे पहले à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में बेकिंग सोडा अचà¥à¤›à¥‡ से मिला लें।
इसके बाद इसे गरारे करें।
à¤à¤• दिन में दो बार इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
बेकिंग सोडा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ से कà¥à¤› हद तक आराम दिला सकता है। दरअसल, गले में कà¥à¤› अटका-सा लगने का à¤à¤• कारण गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤“सोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ को à¤à¥€ माना गया है (2)। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में पेट में मौजूद खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ वापस खादà¥à¤¯ नली में आ जाती है, जिससे सीने में जलन होने लगती है (10)। वहीं, बेकिंग सोडा जिसे सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है, à¤à¤• à¤à¤‚टासिड (Antacid – à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत दिलाने वाला) है, जिसका उपयोग हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨ यानी सीने में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठकिया जा सकता है (11)। à¤à¤¸à¥‡ में यह माना जा सकता है कि बेकिंग सोडा, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤“सोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम कर गले में कà¥à¤› अटका अटका सा लगने पर लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
6. तà¥à¤²à¤¸à¥€
सामगà¥à¤°à¥€ :
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚- 4 से 5
पानी – à¤à¤• गिलास
उपयोग का तरीका :
सबसे पहले à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पानी में डालकर उबाल लें।
इसके बाद इसे à¤à¤• गिलास में निकाल लें और थोड़ी देर ठंडा होने के लिठछोड़ दें।
जब यह हलà¥à¤•ा ठंडा हो जाà¤, तो इसका सेवन करें।
दिन में à¤à¤• बार इसका सेवन किया जा सकता है।
कैसे फायदेमंद है :
गले मे कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने पर तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है। दरअसल, तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£à¥‹à¤‚ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाने वाला) के साथ-साथ à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ (सूजन को कम करने वाला) से à¤à¥€ समृदà¥à¤§ होती हैं (12)। इसके ये दोनों गà¥à¤£ गले को सूजन और संकà¥à¤°à¤®à¤£ दोनों से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। यही नहीं, à¤à¤• शोध में तो यह à¤à¥€ बताया गया है कि तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उबालकर पीने से गले में खराश और खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर किया जा सकता है (13)। वहीं, गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में खांसी होना à¤à¥€ शामिल है (1)। इस आधार हम यह कह सकते हैं कि तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गले में कà¥à¤› अटका हà¥à¤† लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ से में कà¥à¤› हद तक राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
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